श्री गणेशाय नमः
Devotional Thoughts
प्रभु प्रेरणा से चन्द्रशेखर कर्वा द्वारा संकलित
  • कभी कभी हमें ऐसा लगता है कि प्रभु कृपा तो इतिहास के भक्त चरित्र जैसे श्री सुदामाजी, श्री नरसीजी, भगवती द्रौपदीजी, भगवती मीराबाई, श्री प्रह्लादजी, श्री ध्रुवजी, श्री गजेन्द्रजी के ही जीवन में देखने को मिलती है ।

    Sometimes we do feel that GOD’s kindness on devotees is only reflected in mythological tales of great devotees like Shri Sudamaji, Shri Narsiji, Bhagwati Draupadiji, Bhagwati Meerabai, Shri Prahladji, Shri Dhruvji, Shri Gajendraji.

  • मैं दृढ़ता से मानता हूँ कि इन भक्त श्रेष्ठों के जीवन तो प्रभु कृपा से ओत-प्रोत रहे ही हैं पर वर्तमान के कलियुग के दोषों से भरपूर साधारण मनुष्यों पर भी प्रभु की कृपा निरंतर बरसती है ।

    I very firmly believe that the lives of these great devotees were truly filled with umpteen instances of GOD’s kindness. But in the present era (Kaliyug) too, a human being, with all modern-day evils attached to him, still receives GOD’s kindness.

  • जैसे प्रभु श्री सूर्यनारायणजी पूरे विश्व के एक-एक कोने को प्रकाशित करते हैं, प्रकाश से कोई भी अछूता नहीं है, वैसे ही प्रभु कृपा से भी कोई भी जीव अछूता नहीं है (यह हमारी कमजोरी है कि उस कृपा के हम दर्शन नहीं कर पाते और उस कृपा को अपनी स्वार्जित उपलब्धि या भाग्य मानकर जीवन में अपने सामर्थ्य का अहंकार ले आते हैं और अपना पतन करवा लेते हैं ) ।

    Just as GOD Shri SuryaNarayanji (SUN GOD) illuminates each and every corner of the world without discrimination, ALMIGHTY GOD also showers His kindness on mankind without discrimination. (It is our fault that we do not visualize such kindness and instead take it as our self-earned achievement or fortune. Thus we boast of our capabilities and capacities which gives birth to arrogance, which leads to our downfall.)

  • प्रभु तो अमावस्या की काली रात में कोयले की खान में भी चलने वाली काली नन्हीं चींटी को भी देखते हैं, उसकी पुकार भी सुनते हैं और उस पर कृपा बरसाते हैं । काली रात (अमावस्या की) में काली जगह (कोयले की खान) में काले प्राणी (नन्हीं चींटी) को देखने और उसकी मदद करने का सामर्थ्य प्रभु के अलावा क्या है किसी में ?

    Because GOD, even sees and hears the misery of an ant inside a coal mine on a dark night and showers it with His kindness. Who else, apart from ALMIGHTY GOD, can see and help the Black ant inside a Black coal mine on a Blackest dark night.

  • प्रभु कृपा तो कलियुग के दोषों से भरपूर साधारण मनुष्यों पर आज भी होती ही रहती है पर हमें उसके दर्शन करने की कला नहीं आती । प्रभु अनुकम्पा से जिन्हें यह कला आती हो, वे अपने जीवन में प्रभु कृपा के दर्शन के अपने अनुभव हमें dt.devotion[@]gmail.com पर भेज सकते हैं ।

    GOD’s kindness is showered even in the present era (Kaliyug) on ordinary persons filled with all evils but we do not know the art to visualize it. By virtue of GOD’s blessing, whosoever knows this art of visualizing GOD’s kindness in incidents of their life, can email us their memoirs on dt.devotion[@]gmail.com

  • इस स्तम्भ के लिए उपयुक्त पाए जाने पर, आपके नाम के साथ उन्हें यहाँ प्रकाशित किया जाएगा ।

    If found suitable for this forum, they will be published on this website with your name.

  • चार बातें कहना चाहूँगा –

    I wish to put forward four points:

  • पहली बात, हमारे जीवन की हर अनुकूलता प्रभु कृपा ही तो है । हमारे जीवन की हर प्रतिकूलता, जिसका हमने सामना किया, वह प्रभु कृपा के बल के कारण ही तो हमने किया है । प्रभु कृपा न होती तो प्रतिकूलता हमारे लिए असहनीय हो जाती ।

    Firstly, whatever is favorable in our life is only due to GOD’s kindness. Whatever unfavorable we have boldly encountered in our life, was only done on the strength of GOD’s kindness. Had it not been for GOD’s kindness, the unfavorable situation of our life would have magnified to a point of becoming unbearable.

  • दूसरी बात, जितना हम अपने जीवन में घटी घटना को प्रभु कृपा से जोड़कर देखना सीखेंगे, उतना ही हमें जीवन में प्रभु कृपा के दर्शन होने लगेंगे । जीवन में प्रभु कृपा का जैसे-जैसे दर्शन बढ़ता जाएगा, वैसे-वैसे हम प्रभु के समीप पहुँचते चले जाएंगे ।

    Secondly, the more we start visualizing all events of our life with GOD’s kindness, the more we are able to experience GOD’s kindness in it. The more we keep on experiencing GOD’s kindness in our lives, the more closer we reach to ALMIGHTY GOD.

  • तीसरी बात, जब हम किसी घटना में प्रभु कृपा देखना सीख लेते हैं तो हमारे अहंकार का क्षय होता है क्योंकि अब तक उस घटना को हम अपनी बुद्धिबल, धनबल, शक्तिबल, कुटुम्ब–समाज बल से जोड़कर देख रहे थे । उदाहरण स्वरूप हमें प्रधानमंत्री सहायता कोष से सहयोग के तौर पर एक बड़ी रकम का चैक डाकिए ने पत्र रूप में लाकर दिया । तो क्या हम डाकिए को उस सहायता का श्रेय देते हैं ? नहीं, हम मात्र उसे डाक पहुँचाने के लिए साधारण सा धन्यवाद देते हैं, पर हमारी सच्ची कृतज्ञता रकम भेजने वाले के प्रति होती है । क्योंकि हमें पता है कि डाकिया तो मात्र माध्यम बना है, पर सहयोग भेजने वाला तो कोई दूसरा है । पर हम जीवन में अक्सर इतनी बड़ी भूल कर जाते हैं कि जीवन में सभी तरह के एवं हर समय सहयोग भेजने वाले प्रभु के कृपा के दर्शन करने से हम चूक जाते हैं और प्रभु द्वारा सहायता पहुँचाने के लिए निमित्त या माध्यम बने पात्र को हम असली सहयोगी मान बैठते हैं । यह तो ठीक वैसे ही हुआ जैसे हम डाकिए को अपनी बांहो में भर कर उसके प्रति कृतज्ञता माने और रकम भेजने वाले को एक छोटा-सा औपचारिक धन्यवाद देकर इतिश्री कर लें । होना उलटा चाहिए, माध्यम बने व्यक्ति को छोटा-सा औपचारिक धन्यवाद और भेजने वाले प्रभु के प्रति हृदय की गहराई से कृतज्ञता ज्ञापन । किसी भी उपलब्धि को जब तक हम अपने बुद्धिबल, धनबल, शक्तिबल, कुटुम्ब–समाज बल से जोड़कर देखेंगे, उतना ही हमारा अहंकार पनपेगा । जीवन की किसी भी उपलब्धि को प्रभु से जोड़कर देखेंगे तो तुरंत हमारे अहंकार का क्षय होने लगेगा । जितना-जितना जीवन में अहंकार का क्षय होता चला जाएगा, हम प्रभु के उतने-उतने करीब पहुँचते चले जाएंगे ।

    Thirdly, when we learn to visualize GOD’s kindness in any incident, our arrogance gets washed away because until that time we had merited that incident to have happened because of our wisdom, money, power and help from family and society. Let us take the example of a postman who delivers a letter to us containing a big aid in the form of a cheque sent by the Prime Minister Relief Fund. Do we credit the postman for the amount so received ? No, we just offer him formal thanks for being a medium for delivery of the letter but we offer our sincere gratitude only to the sender of the cheque. Because we know that the postman was only a medium, whereas the real help came from someone else. But we generally make this blunder in our real life, when we forget to see the hidden hand of ALMIGHTY GOD and forget to visualize His kindness behind all forms of help, at all times. A bigger blunder is when we envisage the medium to be the real helper. It is just like embracing the postman with heartfelt gratitude and offer a formal thanks to the real sender. Whereas it should have been the other way round, a formal thanks to the postman and deepest heartfelt gratitude from the bottom of our heart for ALMIGHTY GOD. Till we continue to merit all incidents to our wisdom, money, power and help from family and society, we will continue to pamper our arrogance. But the moment we start to visualize GOD’s kindness in that incident, our arrogance will get washed away. The more our arrogance gets washed, the more we reach closer to ALMIGHTY GOD.

  • चौथी बात, जितना-जितना हम प्रभु कृपा के दर्शन करना अपने जीवन में बढ़ाते चले जाएंगे, उतना-उतना प्रभु के लिए आस्था और भक्ति बढ़ती चली जाएगी ।

    Fourthly, the more we increase our effort in the visualization of GOD’s kindness in our lives, the more we will be blessed with a reciprocate increase in our faith and devotion towards ALMIGHTY GOD.

  • इस मंच पर खुलकर अपने और अपने परिवार के सदस्यों पर हुए प्रभु कृपा के अनुभव बांटे ।

    We request you to share your views and also the views of your family members openly and unhesitatingly in this forum.

  • इसलिए आपका स्वागत है अपने और अपने परिवार के सदस्यों पर हुए प्रभु कृपा के अनुभव बाँटने के लिए । दूसरों को प्रभु कृपा के दर्शन करवाने पर आपको आन्तरिक शान्ति मिलेगी, ऐसा करने पर स्‍वयं के अहंकार का क्षय होगा । दूसरों के लिए, आपकी बात प्रेरणा बनेगी और वे भी अपने जीवन में प्रभु कृपा के दर्शन का एवं प्रभु कृपा को अर्जित करने का प्रयास करेंगे । इससे सबका भला ही भला होगा । क्योंकि जो भी जैसे भी प्रभु से जुड़ता है, उसका भला होना उसी समय सुनिश्चित हो जाता है ।

    Therefore you are invited to share your and your family’s experience of GOD’s kindness. By sharing your experience and by enabling others to visualize GOD’s kindness, you will get inner tranquility and the arrogance of self will get washed away. By sharing your experience, you will inspire others to visualize and to seek GOD’s kindness in their lives. All will be blessed. Because when anyone, by any means try to unite with ALMIGHTY GOD, his well being is immediately assured at that very moment.

  • प्रभु के बड़े चमत्‍कार भी "प्रभु कृपा के दर्शन" हैं और जीव पर दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कृपा प्रसंग भी "प्रभु कृपा के दर्शन" हैं । क्‍योंकि प्रभु कृपा कभी छोटी या बड़ी नहीं होती, कृपा तो कृपा होती है । इसलिए दोनों तरह के प्रसंग को इस स्‍तम्‍भ में स्‍थान दिया जाएगा । वैसे भी जीवन में एक बड़े चमत्‍कार की जगह दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कृपा प्रसंगों को मैं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण मानता हूँ क्‍योंकि यह छोटे-छोटे कृपा प्रसंग प्रभु सानिध्‍य की हमारे जीवन में लगातार अनुभूति कराते रहते हैं । उदाहरण स्‍वरूप बचपन में हुए एक बड़े चमत्‍कार को हम भूल भी सकते हैं पर दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रसंगों में प्रभु कृपा के दर्शन करने की क्षमता अगर आ गई तो पल-पल प्रभु की अनुभूति हमारे हृदयपटल पर होने लगेगी ।

    Big miracles in our lives are a reflection of "GOD's kindness", even smaller instances in our routine life are also a reflection of "GOD's kindness". GOD's kindness cannot be categorized as big or small because kindness in whatsoever form is kindness alone and nothing else. Therefore we will include memoirs containing both, big miracles and small instances in this forum. I personally feel that small instances of GOD's kindness in our routine life are better than one big miracle in our life because small instances of GOD's kindness constantly keeps reminding us of the Divine presence. For example, we may tend to forget a big GOD miracle of our childhood period but if we master the art to see GOD's kindness in small events and instances in our routine life, we would be able to visualize GOD's presence at bottom of our heart during all times.

  • प्रभु से जुड़ने के इस प्रयास में अपना अनुभव इस मंच पर बांटकर यथोचित सबको प्रेरणा दें ।

    In the humble effort to unite with ALMIGHTY GOD, please feel free to share your experience in this forum, which can inspire others.

  • (क) किसी बीमारी, दुर्घटना, आपदा-विपदा एवं अन्य प्रतिकूलता के वक्त प्रभु द्वारा भेजी मदद को याद कर उसमें प्रभु कृपा के दर्शन करवाते हुए अपना संस्म‍रण हमें भेजें ।

    (a) Any illness, accident, other calamity and unfavorable instances of your life wherein your received help from ALMIGHTY GOD may be sent as memoirs, with your visualization of GOD’s kindness in that incident.

  • (ख) ऐसे ही अनुकूलता के वक्त, आपके प्रयासों से बहुत ज्यादा, आपकी अपेक्षा से अधिक प्रभु से मिलने पर अगर अपने प्रभु कृपा के दर्शन किए हो तो अपना संस्म‍रण हमें भेजें ।

    (b) Likewise, in favorable times, when you did receive more than expected, more than anticipated from ALMIGHTY GOD, such experience may also be sent as memoirs with your visualization of GOD’s kindness in it.

  • (ग) कभी आपके मन में प्रभु ने प्रेरणा जागृत करके, आपको निमित्त बनाकर, प्रभु ने आपके माध्यम से किसी को सहयोग भेजा हो, तो प्रभु प्रेरणा के दर्शन करवाते हुए अपना संस्म‍रण हमें भेजें ।

    (c) At any point in time in your life, if ALMIGHTY GOD has inspired you for helping someone or have made you the medium for extending help to someone, such experience may also be sent as memoirs, with your visualization of GOD’s kindness in it.

  • एक ही परमपिता परमेश्वर के अंश होने के कारण, सभी धर्मों के लोगों का अपने जीवन में घटित प्रभु कृपा के अनुभव बाँटने हेतु इस मंच पर स्वागत है । आप हमें dt.devotion[@]gmail.com पर हिन्दी अथवा अंग्रेजी, दोनों में से किसी भी भाषा में अपना अनुभव भेज सकते हैं ।

    As we all belong to the one and only GODFATHER, therefore people from all religions are invited to share their experiences in this forum of their visualization of GOD’s kindness in their life. You can send us your memoirs at dt.devotion[@]gmail.com in either of the two languages, Hindi or English.

  • GOD's sincerely,

    Chandrashekhar Karwa


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क्रमांक "प्रभु कृपा के दर्शन" का

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